Page 8 - आनंद से अनार तक
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आत्मकथा -आनंद स अनार तक…………..
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                                   अनुक्रमशणका (Index)


               क्रमांक  शववरण                                        पेज न.
               1      भूशमका                                         1
               2      जीवन पररचय                                     2
               3      मेर पररवार की पृिभूशम: बारह भाई-बहन            4
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               4      एक वटवृक्ष की परछाई: मेर पूज्य शपता श्री प्रहलाद शसंह पटल   6
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               5      बचपन की एक यादगार कहानी: गुब्बार स जुडा प्रम   10
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               6      बचपन का वह भयानक हादसा: एक सबक जो हमेशा याद रहेगा  13
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               7      संघर् की छााँव में: मााँ और भाई का साथ         16
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               8      बचपन क अनमोल मोती: बरदु स जमोशनया तक का सफर    18
               9      आठवीं कक्षा की सफलता: एक यादगार मोड            20
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               10     गुरुओं का आशीवाषद: मेर जीवन का मागषदशषक        22
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               11     हाई एवं हायर सकडरी शशक्षा: टोंक खुदष क यादगार साल   24
               12     शशक्षा का सफर: कीचड भर रास्ते और एक मजबूत इरादा   26
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               13     शशक्षा क शलए एक नई शुरुआत: शकराय क कमर का सफर   29
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               14     एक अनमोल फररश्ता : श्री कन्हैयालाल शमाष        32
               15     टोंक खुदष क यादगार पल: दोस्ती और छात्र राजनीशत   35
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               16     जीवन का सबसे बडा मोड: एक शनराशाजनक पररणाम      37
               17     AISECT: एक नई शुरुआत                           39
               18     आशथक चुनौती और पाररवाररक सहारा                 41
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               19     उच्च शशक्षा का सफर: पी.जी. महाशवद्यालय शसहोर   43
               20     मेर आदशष: श्री संतोर् चौब जी                   45
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               21     कॉलेज क शदन: संघर् में शछपी उद्यशमता           47
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               22     कॉलेज क शदन: दोस्ती, संघर् और इंसाशनयत         49
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               23     कॉलेज क शदन: एक दुखद घटना                      51
               24     एक ररश्ता जो पत्र -पशत्रकाओं में शजंदा रहा     53
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