Page 10 - आनंद से अनार तक
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आत्मकथा -आनंद स अनार तक…………..
54 प्रशासशनक सफर: एक शशक्षक से शजला समन्वयक तक 129
55 एक कडवा सच और अटूट शवश्वास: जब ईमानदारी की जीत ह ई 133
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56 एक नया अध्याय: अटचमेंट और संघर् ष 137
57 एक शशक्षक का सही शठकाना 141
58 पीएचडी प्रवेश: एक सपना जो हकीकत में बदला 145
59 पीएचडी का अगला पडाव: शसनोशप्सस और आरडीसी 148
60 "भारत क दूरस्थ ग्रामीण अंचल में शशक्षा का प्रचार-पसारकरना" 151
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61 "आमंत्रण: पीएचडी अवाड सरमनी 161
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62 शदकली में आगमन और एक नई सुबह की तैयारी 165
63 आत्मा कथा का स्वशणम पृि: शदकली में एक गौरवशाली सुबह 167
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64 अमृतसर अध्यांशत्मक भूशम पर 175
65 आत्मा कथा का महाकाव्य: बरदु गााँव में डॉक्टर काराज्याशभर्क 182
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66 आत्मा कथा का माशमषक अध्याय: आधारस्तंभ का ढहना 188
67 सााँसों की रस्सी और अपनों का कवच 194
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68 महामारी क अंधकार में शशक्षा की अलख 200
69 ममता की प्रशतमूशतष—भाभी मााँ का महाप्रयाण 202
70 ममता की प्रशतमूशतष — भाभी मां की शवदाई 207
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71 शडशजटल क्रांशत क महानायक 210
72 माटी का मान और प्रशासन की 213
74 कलम की गूज — 'भारत उदय' और तक्षशशला का सम्मान 2 15
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75 बूंद-बूंद का संककप -'जल चैंशपयन' का उत्रदाशयत्व 2 18
76 बचपन से पचपन तक एक छत क नीचे शशक्षा का साम्राज्य 2 20
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77 सफलता क आधार स्तंभ मेरा कमषठ सहयोगी दल 2 23
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78 कमषस्थली क सारथी शवद्यालय और सहयोशगयों का संबल 227
79 कृतज्ञता का महासागर शजनक क ं धों पर मेरा आकाश है 229
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80 सपनों का पकलवन क गौरवशाली वतषमान (माचष 2026 ) 231

