Page 139 - आनंद से अनार तक
P. 139

े
                                आत्मकथा -आनंद स  अनार तक

                        प्रशासमनक सफर: एक मशक्षक से मजला समन्वयक तक

                     जीवन म कुछ पडाव ऐस आत हैं जो हम हमारी पररमचत दुमनया स बाहर
                            ें
                                                    ें
                                                                        े
                                        े
                                             े
              मनकालकर एक नए रास्ते पर ले जाते हैं। यह रास्ते कभी आसान नहीं होते, लेमकन
                                  े
                   ें
               े
                                      े
                                                       ें
              व हम बहुत कुछ मसखात हैं। मर जीवन की कहानी म भी एक ऐसा ही महत्वपूण  ष
                                       े
                                                े
                                                                    े
                                        े
                                                          े
                                                              े
              पडाव आया, जब एक मशक्षक क ऱूप में मेर 15 साल क लंब सफर क बाद, मुझ  े
              एक प्रशासमनक पद पर काम करने का मौका ममला। यह कहानी है उस छोटी,
                                ष
              लमकन बहद महत्वपूण अवमध की, मजसने मेर पेशेवर जीवन को एक नई मदशा
                      े
                े
                                                  े
                       े
              दी और मुझ यह एहसास कराया मक हर अनुभव, चाहे वह मकतना भी छोटा क्यों
              न हो, हम कुछ न कुछ मसखाता है।
                      ें
                                                        ें
                                         े
                                                                      ें
                     जनवरी  2016  में,  मुझ  जनपद  मशक्षा  कि,  टोंक  खुदष  म  ब्लॉक
                                        े
                 े
              एकडममक समन्वयक (BAC) क पद पर काम करने का आदेश ममला। यह एक
              नई शुरुआत थी, और म इस नई चुनौती को स्वीकार करने क मलए तयार था।
                                  ैं
                                                                      ै
                                                               े
              इस पद पर मैंने 15 माचष, 2016 तक काम मकया, और यह मेर मलए एक सीखने
                                                               े
              का अनुभव था। लमकन मरी यात्रा यहीं खत्म नहीं हुई। 20 माचष, 2016 को, मेर  े
                             े
                                   े
              मलए एक और बडा अवसर आया। देवास क मजला मशक्षा अमधकारी श्री राजेंि
                                                 े
                                                                            े
                                                   े
              खत्री जी ने मेर काम से प्रभामवत होकर, मुझ माध्यममक मशक्षा अमभयान क
                          े
                                                      ष
                   ष
                                                                     े
              अंतगत  अकादममक  मडमस्रक्ट  प्रोग्राम  कोऑमडनेटर  (ADPC)  क  पद  पर
              प्रमतमनयुमि दे दी।
                       े
                                                                         ष
                     मर मलए यह बहुत बडी बात थी। BAC का पद भी महत्वपूण था,
                       े
              लेमकन ADPC का पद तो और भी बडा और मज़म्मेदारी भरा था। यह एक ऐसा
                                                                ें
              पद था मजसम पूर देवास मजल क हाई स्कूल और हायर सकडरी स्कूलों का
                                         े
                                       े
                         ें
                                                              े
                            े
                                                                        े
              मनरीक्षण करना, होस्टलों का मनरीक्षण करना और मजले स्तर पर मशक्षकों क मलए
                            े
              मवमभन्न प्रकार क प्रमशक्षण कायषक्रम आयोमजत करना शाममल था। यह एक
              129 | P a g e
   134   135   136   137   138   139   140   141   142   143   144