Page 175 - आनंद से अनार तक
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आत्मकथा -आनंद स अनार तक
मदल्ली में आगमन और एक नई सुबह की तैयारी
अगले मदन, 17 मदसंबर 2018 की सुबह, हम मदल्ली पहुाँच चुक थे।
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सुबह की ठंडी हवा हमार चेहर पर पड रही थी, और हमारा मदल खुशी और
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उत्साह स भरा हुआ था। मदल्ली का मवशाल रलव स्टशन हम एक नए अध्याय
की शुरुआत का एहसास करा रहा था।
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हम स्टशन से बाहर मनकले और हमने एक होटल में चेक-इन मकया।
हम सभी ने आराम मकया और मफर मदल्ली घूमने का प्लान बनाया। हमने इंमडया
गेट, लाल मकला और कुतुब मीनार जसी जगहों को देखा। मदल्ली की मवशालता
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और ऐमतहामसकता ने हम बहुत प्रभामवत मकया।
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शाम को,
हम सभी ने एक
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रस्टोरट में मडनर
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मकया। यह मडनर
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मसफ खाने का नहीं
था, बमल्क हमारी
दोस्ती और मेरी
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सफलता का जश्न मनाने का था। हमने एक-दूसर को बधाई दी और अगल मदन
की तैयारी पर चचाष की।
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मुझ पता था मक अगल मदन मर जीवन का सबस महत्वपूण मदन था। म ैं
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अपनी मेहनत का फल लेने वाला था, लमकन मर मन म एक अजीब सी शांमत
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थी। मुझ एहसास हुआ मक असली सफलता मडग्री लना नहीं, बमल्क उस सफर
का आनंद लना था मजसने मुझ यहााँ तक पहुाँचाया था।
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