Page 190 - आनंद से अनार तक
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आत्मकथा -आनंद स  अनार तक
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              मकया मक हमारी मशक्षा और नवाचार का उपयोग देश की इसी भावना को मजबूत

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              करने क मलए होना चामहए।
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                     अध्याय 5: अमृतसर की गमलयों में, इमतहास क पदमचह्न
                     20 मदसंबर 2018, सुबह: अगले मदन, 20 मदसंबर को, हमने अमृतसर
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              शहर क अन्य ऐमतहामसक स्थानों को घूमने का आनंद मलया।
                     हमने जमलयााँवाला बाग का दौरा मकया। वहााँ पहुाँचकर मन शांत और
              उदास हो गया। दीवारों पर गोमलयों क मनशान, शहीदों क कु ए और उस नृशंस
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              हत्याकांड की कहानी सुनकर हमारी आख नम हो गई ं । यह जगह हम हमार  े
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              स्वतंत्रता सनामनयों क बमलदान की याद मदला रही थी। हमने वहााँ मौन खड होकर
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              उन शहीदों को श्रद्ांजमल दी।
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                     इसक बाद, हमने अमृतसर क प्रमसद् भोजन और बाज़ारों का आनंद
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              मलया। हमने पारंपररक अमृतसरी क ु ल्चा और लस्सी का स्वाद चखा। पंजाब क
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              लोगों की गमजोशी और महमाननवाज़ी ने हमार मदल को छू मलया।
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                     हमने  अमृतसर  की  छोटी-छोटी  गमलयों  म  घूमकर  उसकी  पुरानी
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              वास्तुकला को देखा। अमृतसर शहर की यात्रा, मदल्ली की औपचाररक सफलता
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              क बाद, एक ऐसा अनुभव था मजसने हम हमारी जडों, हमार अध्यात्म और हमारी
              देशभमि से जोडा।
                     अध्याय 6: भावनात्मक मवदाई और आगे का संकल्प
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                     20 मदसंबर 2018, शाम: शाम को, हम अमृतसर स वापस अपने घर
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              क मलए रवाना होना था। सना कटोनमट म सुरन्ि कुमार स मवदा लत समय, हम
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              सभी बहुत भावुक थे।
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