Page 199 - आनंद से अनार तक
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                                आत्मकथा -आनंद स  अनार तक

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                                     े
                     इस र्फोन कॉल ने मर पूर वजूद को महला मदया। माताजी ने कभी मकसी
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              को अपनी तकलीर्फ बताई नहीं थी। उनक मलए, पररवार की मचंता ही सबस बडी
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              प्राथममकता थी। अगर बड भया कह रहे थे मक तबीयत "बहुत ज़्यादा ख़राब" है,
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              तो मतलब बात गंभीर थी।
                                                     मने  तुरंत  अपने  भाइयों—
                                                       ैं
                                              मवक्रम मसंह, गजराज मसंह, मानमसंह,
                                              और क ु मेर मसंह—को सूचना दी। साथ

                                              ही,  हमारी  सभी  बहनों  को  भी,  जो
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                                              अपनी  ससुराल  म  थीं,  यह  दुखद
                                              समाचार पहुाँचाया गया।
                                                               े
                                                     उस रात, मेर मलए समय ठहर
                                              गया था। मैं मजतनी जल्दी हो सका,
                                              बरदु  गााँव  की  ओर  भागा।  हर

                                              मकलोमीटर एक पहाड जैसा लग रहा
                                                    े
                                              था। मेर मन में बस एक ही प्राथषना थी:
              "बस मााँ को बचाए रखना, अभी उनकी बहुत ज़ऱूरत है।"
                                          बरदु में वह दुखद और अंमतम ममलन

                     26 मदसंबर 2019, देर रात: रात क गहर अंधेर म, हम सभी भाई-बहन
                                                            ें
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              एक-एक करक गााँव क अपने पैतृक घर पहुाँचना शुऱू हो गए थे। यह हमार जीवन
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              का सबस दुखद पाररवाररक पुनममलन था।
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                     जब म घर पहुाँचा, तो देखा मक मेरी मााँ मबस्तर पर लेटी थीं। उनका चेहरा
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              शांत था, लेमकन उनकी सााँसें धीमी और अमनयममत चल रही थीं। हम सभी भाई-
              बहन—मेर छुः भाई और हमारी बहनें—उनक मबस्तर क चारों ओर इकठॎठ थे।
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