Page 21 - आनंद से अनार तक
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आत्मकथा -आनंद स  अनार तक
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                                                         े
                                                               े
                                                             े
                                                   ें
                                   े
                          े
              अपनी जगह स उछल पड और एक ही पल म गुब्बार वाल क पास पहुाँच गए।
                                                          े
                  े
                               े
                                    े
              उसक पास बहुत सार गुब्बार थे—लाल, पीले, नीले, हर, और गुलाबी, जो हवा
                                                                           े
                                                                      े
                                 ाँ
              म झूम रहे थे। हमारी आख चमक उठीं, और हम दोनों ने एक ही गुब्बार को लने
                                   ें
               ें
              की मज़द पकड ली।
                     हमारी जेबों में मजतने पैसे थे, उसम मसर्फ एक ही गुब्बारा आ सकता
                                                 ें
                                                      ष
                                               था।  गुब्बार  वाल  ने  हम  एक  ही
                                                                     ें
                                                              े
                                                        े
                                                                       े
                                               गुब्बारा मदया, और यही हमार झगड  े
                                                              ैं
                                               की शुरुआत थी। म ज़ोर स बोला, "मैं
                                                                    े
                                                             े
                                                                          े
                                               बडा ह ाँ, गुब्बारा मरा है।" और सुमर ने
                                                  े
                                               रोत हुए कहा, "नहीं, गुब्बारा मरा है,
                                                                        े
                                                                         े
                                                    े
                                                  े
                                               मुझ लना है।" हम दोनों ने गुब्बार की
                                                                े
                                               डंडी को दोनों तरर्फ स पकड मलया। म  ैं
                                               खींचता, तो वह खींचता। यह कवल
                                                                         े
                                               एक गुब्बारा नहीं था, बमल्क यह हमार  े
                                               बचपन की मज़द और ईगो की लडाई
              थी। हम दोनों इस छोटी सी चीज़ क मलए इतने लड रहे थे मक हमें इस बात का
                                          े
                                   े
              भी ध्यान नहीं था मक हमार घर क लोग हमें देख रहे हैं।
                                        े
                     झगडा बढता गया। गुब्बारा कब फट गया, हमें पता भी नहीं चला।
              गुब्बारा फटत ही हमारी मज़द और गुस्सा सातव आसमान पर पहुाँच गया। हम  ें
                         े
                                                    ें
              एक-दूसर को चोट पहुाँचाने का ख़्याल आया। म गुस्स म पास पड एक पत्थर को
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                                                                 े
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                                                          ें
              उठा मलया, और ठीक उसी समय सुमर ने भी एक पत्थर उठा मलया। उस समय
                                            े
                  े
              हमार मन में क्या चल रहा था, यह शायद हम दोनों को भी नहीं पता था। गुस्स  े
                                                 ें
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              में हम दोनों ने एक-दूसर क पैरों पर पत्थर फक मदए। पत्थर लगत ही हम दोनों
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                                                                  े
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