Page 210 - आनंद से अनार तक
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आत्मकथा -आनंद स अनार तक
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महामारी क अंधकार में मशक्षा की अलख:
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डॉ. अनार मसंह ठाक ु र को ममला 'एमशयन एजुकशन अवाड 2021'
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टोंक खुदष (मध्य प्रदेश): साल 2021, जब कोरोना की दूसरी लहर ने
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पूरी दुमनया की रफ़्तार थाम दी थी, स्कूल-कॉलज बंद थे और बच्चों का भमवष्य
चारदीवारी में कद होकर रह गया था,
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तब मशक्षा क क्षेत्र में एक ऐसा
'नवाचार' जन्म ले रहा था मजसने
सीमाओं को तोड मदया। मध्य प्रदेश
क एक छोट स कस्ब टोंक खुदष क
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सममपषत मशक्षामवद डॉ. अनार मसंह
ठाक ु र ने यह सामबत कर मदया मक
यमद संकल्प दृढ हो, तो तकनीक
मकसी भी आपदा को अवसर में
बदल सकती है।
जब स्क ू ल बंद हुए, तो
'मडमजटल क्लासऱूम' खुल े
लॉकडाउन क उस कमठन
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दौर में, जब हर कोई अपने जीवन की सुरक्षा म लगा था, डॉ. अनार मसंह ठाकुर
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क मन म एक ही मचंता थी—"मशक्षा का रुकना, मवकास का रुकना है।" उन्होंने
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महसूस मकया मक स्कूल बंद होने स ग्रामीण क्षत्रों क बच्चों की मशक्षा का स्तर
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मगर सकता है। इसी मचंता ने उन्हें तकनीक और ऑनलाइन मशक्षा की ओर प्रेररत
मकया।
डॉ. ठाकुर ने अपनी पारंपररक मशक्षण पद्मत को त्यागकर मडमजटल
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माध्यमों को अपनाया। उन्होंने न कवल खुद को आधुमनक सॉफ्टवयर और
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