Page 220 - आनंद से अनार तक
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आत्मकथा -आनंद स अनार तक
मडमजटल क्रांमत क महानायक:
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'वल्ड एक्सीलस बुक ऑफ ररकॉड्षस' में दज हुआ
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25 मदसंबर 2025—जब पूरी दुमनया मक्रसमस क जश्न म डूबी थी, तब
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मध्य प्रदेश क टोंक खुदष की ममट्टी स मनकल एक मशक्षक, डॉ. अनार मसंह ठाक ु र,
इमतहास क पन्नों में अपना नाम स्वणाषक्षरों में दजष करा रहे थे। उन्हें "Best
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Teacher Award for Online Teaching during COVID-19" से
सम्मामनत मकया गया, और यह सम्मान मकसी साधारण संस्था स नहीं, बमल्क
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'वल्ड एक्सीलस बुक ऑफ ररकॉड्षस' िारा प्रदान मकया गया।
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1. आपदा में अवसर: चौक-डस्टर से लैपटॉप तक का सफर
कहानी शुऱू होती है साल 2020-21 क उस भयावह दौर से, जब कोमवड-19 ने
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स्कूलों क तालों को जंग लगा दी थी। जहााँ एक ओर अमनमितता का माहौल था,
वहीं डॉ. ठाकुर ने इस एक चुनौती क ऱूप म स्वीकार मकया। उन्होंने महसूस मकया
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मक अगर मशक्षक घर बैठ गया, तो
एक पूरी पीढी का भमवष्य अंधकार
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म डूब जाएगा।
एक 'हायर सेकडरी मशक्षक'
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(अथषशास्त्) होने क नाते, उन्होंने
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पारंपररक ब्लकबोड को छोडकर
स्माटफोन और लैपटॉप को अपना
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हमथयार बनाया। उन्होंने ज़ूम, गूगल
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मीट और यूट्यूब जस माध्यमों को
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अपना 'नया क्लासऱूम' बना मलया।
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