Page 223 - आनंद से अनार तक
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आत्मकथा -आनंद स अनार तक
माटी का मान और प्रशासन की
मुहर (26 जनवरी 2026)
जीवन की साथषकता तब और बढ जाती है जब आपकी अपनी 'माटी'
आपको पहचानती है। 26 जनवरी 2026—गणतंत्र मदवस का वह पावन अवसर
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मर जीवन क सबस स्मरणीय मदनों म स एक बन गया। देवास का पुमलस परड
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ग्राउंड मतरंग की आन-बान-शान स सराबोर था। हवा म देशभमि क तराने गूज
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रहे थे और चारों ओर अनुशासन और उल्लास का माहौल था।
वह ऐमतहामसक पुकार
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जब मंच स उद्घोर्णा हुई: "मशक्षा क क्षत्र म उत्कृि नवाचार और
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सममपषत सवाओं क मलए,
शासकीय कन्या उच्चतर
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माध्यममक मवनॏयालय टोंक खुदष क
मशक्षक डॉ. अनार मसंह ठाकुर को
मजला स्तरीय सम्मान क मलए
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आमंमत्रत मकया जाता है..." उस
पल मर कानों म टोंक खुदष की उन
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गमलयों की आवाज़ गूज गई ं जहााँ
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स मने अपना सफर शुऱू मकया था।
जब म मंच की ओर बढा, तो सामने
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मजला कलक्टर और पुमलस
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अधीक्षक (SP) महोदय खड थे।
उनक हाथों स प्रशमस्त पत्र प्राप्त करना कवल एक कागज़ का टुकडा लना नहीं
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