Page 30 - आनंद से अनार तक
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आत्मकथा -आनंद स  अनार तक
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                    आठवीं कक्षा की सफलता: एक यादगार मोड


                                        (सन 1987 )
                                                                      े
                     बचपन की यादों की मकताब में, एक पन्ना ऐसा भी है जो सोने क अक्षरों
              में मलखा है। यह वह समय था जब मैंने जीवन में पहली बार मकसी बडी सफलता
                                                                   े
                                                      ष
              का स्वाद चखा। मैं आठवीं कक्षा में था और बोड की परीक्षाएाँ मेर सामने एक
                                                               ें
              बडी चुनौती की तरह थीं। उन मदनों गााँव और छोट कस्बों म बोड परीक्षा का
                                                       े
                                                                   ष
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              मतलब मसफ परीक्षा नहीं, बमल्क सम्मान और भमवष्य की मदशा तय करने वाला
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                                                 े
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              एक महत्वपूण पडाव होता था। मने और मर पररवार ने इस परीक्षा को बहुत
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                                            े
              गंभीरता स मलया। मर मशक्षक, मजनक मागषदशषन में मैंने पढाई की, उन्होंने मुझ
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                               े
              पर बहुत मवश्वास मदखाया।
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                     परीक्षा क मदन बीत गए और पररणाम का इंतजार शुऱू हुआ। हर मदन
                                                                एक        नई
                                                                उत्सुकता  और
                                                                घबराहट लेकर
                                                                आता       था।

                                                                   आमखरकार,
                                                                वह मदन आ ही

                                                                गया      जब
                                                  े
              पररणाम घोमर्त होने वाला था। उस मदन मेर मदल की धडकनें तेज थीं। जब
                                                                    े
                                     ैं
              पररणाम सामने आया और मने अपना रोल नंबर देखा, तो एक पल क मलए मुझ  े
              अपनी आखों पर मवश्वास नहीं हुआ। म न कवल पास हुआ था, बमल्क मुझ  े
                       ाँ
                                                   े
                                              ैं
              बताया गया मक मैंने देवास मजले की मेररट मलस्ट में स्थान प्राप्त मकया है।

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