Page 51 - आनंद से अनार तक
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                                आत्मकथा -आनंद स  अनार तक

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                             आमथक चुनौती और पाररवाररक सहारा

                     आइसक्ट संस्था म मरा चयन हो जाने की खुशी अभी पूरी तरह स मन
                                      े
                                                                         े
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              म समाई भी नहीं थी मक मर सामने एक और बडी चुनौती खडी हो गई आमथषक
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              चुनौती। मसहोर जस बड शहर म रहना, खाने-पीने और प्रमशक्षण शुल्क का खचष
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              हमार मध्यमवगीय पररवार की पहुाँच स बहुत दूर था। मर मपता क जाने क बाद
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              हमारी आमथषक मस्थमत बहुत अच्छी नहीं थी, और यह खचष उठाना हमार मलए
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              एक बहुत बडा जोमखम था।
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                     लेमकन उस समय मेर पररवार ने जो साहस मदखाया, वह मेर मलए मकसी
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              प्रेरणा से कम नहीं था। मेर बड भाई, श्री सज्जन मसंह ठाक ु र, ने मपता की
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              अनुपमस्थमत म जो मजम्मदारी उठाई थी, उसे उन्होंने एक बार मफर सामबत कर
              मदखाया। उन्होंने हार नहीं मानी। उन्होंने और मेरी माताजी ने ममलकर महम्मत
              जुटाई और इस प्रमशक्षण का खचष उठाने की व्यवस्था की। मुझ आज भी याद है,
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              उनक चेहर पर मचंता की लकीर थीं, लेमकन उनकी आाँखों में मेर भमवष्य को
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                                                             े
                                                           लकर  एक  अटूट
                                                           मवश्वास  था।  उन्होंने
                                                                         े
                                                           मकसी भी तरह स मुझ  े
                                                           मनराश नहीं होने मदया।
                                                                  मेर  भैया  ने
                                                                    े
                                                           अपनी  मेहनत  और
                                                           समझदारी से पैसों की
              व्यवस्था की, और मरी माताजी ने अपने धैयष और प्रेम स मुझ महम्मत दी। उन
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              दोनों ने मर मलए वह सब कुछ मकया जो एक मपता कर सकता था। मसहोर म मर  े
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