Page 85 - आनंद से अनार तक
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आत्मकथा -आनंद स अनार तक
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भारत हाई स्क ू ल टोंक खुदष का शुभारंभ
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(1 जुलाई वर् 2001)
गुरुकुल मशक्षा मवकास समममत का गठन और उसक बाद मशवम
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इंस्टीट्यूट तथा भारत स्क ू ल अगरोद की स्थापना क बाद, हमें यह स्पि हो गया
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था मक हमार ममशन म एक और महत्वपूण कदम उठाना बाकी है। जहााँ अगरोद
का भारत स्कूल प्राथममक और माध्यममक मशक्षा प्रदान कर रहा था, वहीं गााँव
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क बच्चे कक्षा आठवीं क बाद उच्च मशक्षा क मलए मफर स संघर् कर रहे थे।
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एक ऐसी मशक्षा प्रणाली की आवश्यकता थी जो उन्हें हाई स्कूल तक ल जाए
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और उनक भमवष्य की नींव को और भी मजबूत कर। इसी सोच क साथ, हमारी
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समममत ने एक नए संस्थान की स्थापना का फसला मकया।
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वर् 2001 में, हमने नगर टोंक खुदष में भारत हाई स्क ू ल का शुभारंभ
मकया। यह स्कूल कोई साधारण स्कूल नहीं था, बमल्क इस सभी आधुमनक
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सुमवधाओं स युि
बनाया गया था। हमारा
उद्देश्य था मक ग्रामीण
बच्चों को भी वैसी ही
गुणवत्तापूण मशक्षा ममल े
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जैसी शहरों में ममलती है।
इस स्कूल म हमने कक्षा 9वीं और 10वीं की मशक्षा देना शुऱू मकया, जो छात्रों
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को उनक आग क जीवन क मलए तयार करने म एक महत्वपूण भूममका मनभाती
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थी।
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इस बड सपने को साकार करने क मलए, गुरुकुल मशक्षा मवकास समममत
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ने एक बहुत ही साहमसक कदम उठाया। हमने टोंक खुदष म एक उपयुि स्थान पर
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